कवर्धा न्यूज़-पीड़ित बन दर्ज कराई शिकायत, 112 वाहन आने पर : हाइवे पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया नेक्स्ट जेन डायल-112 सेवा का किया औचक परीक्षण हाइवे में रुक कर पीड़ित ब
Chief Editor-Digvendra Kumar Gupta / Tue, May 26, 2026 / Post views : 202
हाइवे पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया नेक्स्ट जेन डायल-112 सेवा का किया औचक परीक्षण
हाइवे में रुक कर पीड़ित बन दर्ज कराई शिकायत, 112 वाहन आने पर सभी उपकरणों का किया परीक्षण
कवर्धा, 25 मई 2026। रायपुर से कवर्धा जाते समय उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बेमेतरा के पास हाईवे में रुककर डायल-112 नेक्स्ट जेन सेवा की कार्यप्रणाली का औचक परीक्षण किया। सेवा की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और रिस्पॉन्स टाइम को परखने के लिए उन्होंने स्वयं डायल-112 पर कॉल कर मारपीट और सड़क दुर्घटना का पीड़ित बनकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज कराने के बाद वे नजदीक स्थित ढाबा के पास रुककर पुलिस वाहन के पहुंचने का इंतजार करते रहे। निर्धारित समय में डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद उप मुख्यमंत्री ने वाहन एवं उससे जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने वाहन में उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं, संचार व्यवस्था, रिस्पांस सिस्टम तथा आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की कार्यप्रणाली की जानकारी अधिकारियों से ली। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आम नागरिकों को त्वरित एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने वाहन में लगे लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की कार्यप्रणाली सहित हेल्पलाइन की सहायता प्रक्रिया और उनके द्वारा दिए जाने वाली जानकारियों का भी निरीक्षण किया।
उल्लेखनीय है कि विगत 18 मई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए 400 नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। नई तकनीक से लैस ये वाहन प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं की पहुंच और रिस्पांस टाइम को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस नए और उन्नत चरण के तहत संपूर्ण व्यवस्था को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और त्वरित बनाते हुए सुरक्षा मानकों और सहायता क्षमता को मजबूत करने के लिए डायल 112 सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्थान पहचान तकनीक को जोड़ा गया है। महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस व्यवस्था में पैनिक बटन और विशेष निगरानी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे पुलिस सहायता, एम्बुलेंस, अग्निशमन सेवा तथा महिला सहायता हेल्पलाइन को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।
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